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यदि कोई बाहरी प्राकृतिक ताकत शामिल नहीं है, तो आग लगना कोई ‘दैवीय घटना’ नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

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क्या है PMLA की धारा 50 जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को दिया नोटिस? वैधता पर उठे सवाल

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सुप्रीम कोर्ट प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) की दो धाराओं की वैधता को लेकर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। एक याचिका में इस कानून की धारा 50 और धारा 63 को चुनौती दी गई थी। इन धाराओं के अंतरगत ईडी अधिकारी किसी को भी पूछताछ के लिए बिना कोई कारण बताए बुला सकते हैं। इसके अलावा गलत जानकारी देने पर या फिर जानकारी ना देने पर दंड भी दिया जा सकता है। 

मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता गोविंद सिंह ने इन दो धाराओं को असंवैधानिक करार देकर हटाने की मांग करते हुए याचिका फाइल की है। उनका कहना है कि सरकार इन धाराओं का उपयोग करके विपक्ष को परेशान कर रही है। गोविंद सिंह सात बार के विधायक हैं। उनका कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट 2002 की ये दो धाराएं संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती हैं। 

याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर वकील कपिल सिब्बल और समीर सोढ़ी पेश हुए। उन्होंने जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और अरविंद कुमार की बेंच से कहा कि इन धाराओं की पुनर्समीक्षा करने की जरूरत है। याचिका में कहा गया कि कानून की धारा 50 के तहत जिस किसी को भी समन किया जाता है उसे यह बताया जाना चाहिए कि वह किसी मामले में गवाह है या फिर  आरोपी है। इसके अलावा उसे इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि किस मामले में उसे समन किया जा रहा है। 

पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार और ईडी को नोटिस जारी किया है और कहा है कि 6 सप्ताह के बाद आगे की सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि कि यह धारा संविधान के अनुच्छेद 20 (3) का उल्लंघन करती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी एजेंसी के सामने दिए गए बयान कोर्ट में सुनवाई के दौरान मान्य नहीं होते हैं। याचिका में कहा गया है कि संविधाने के आर्टिकल 21 में निष्पक्ष सुनवाई की बात कही गई है। बता दें कि इस मामले में कोर्ट ने ईडी और केंद्र सरकार से 6 सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। वहीं इसके बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह का वक्त जवाब पर प्रतिक्रिया देने के लिए दिया जाएगा। 



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OBC सवाल पर आजादी के बाद से ही घिरी कांग्रेस, फिर बड़ी चोट दे सकती है BJP

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सूरत की एक कोर्ट ने राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले में दोषी पाया है। यह मामला साल 2019 से जुड़ा हुआ है। आरोप थे कि उन्होंने कर्नाटक में एक रैली के दौरान 'मोदी सरनेम' का जिक्र कर टिप्पणी की थी।



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संसद में विरोध तेज करेगी कांग्रेस, ओम बिरला को घेरने की तैयारी; आगे का प्लान

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Rahul Gandhi Update: पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि सदन में उनकी आवाज दबाई जा रही है।



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